असलीआया

सेवा गाइड / बूढ़-पुरनिया के देखभाल

माई-बाबूजी के देखभाल खाली मदद से बढ़ के बा।

माई-बाबूजी आ दादा-दादी खातिर साथ आ रोज के मदद।

  • साथ आ बतकही
  • टहलल आ चले-फिरे में मदद
  • दवाई याद दिआवल
  • नहवावल आ कपड़ा पहिरावल
  • खाना आ खिआवल
  • डॉक्टर के लगे जाइल

एह काम के अलग-अलग रूप

01 / 03

साथी

दिन भर घर पर केहू: बतियावल, टहलल, याद दिआवल।

एगो आम दिन

  1. 01

    सबेरे के मदद: नहाइल, कपड़ा

  2. 02

    समय पर नाश्ता आ दवाई

  3. 03

    टहलल भा हल्का कसरत

  4. 04

    साथ, पढ़ल, टीवी

  5. 05

    साँझ के दिनचर्या

आम इंतजाम

दिन के शिफ्ट
8–12 घंटा
रात के शिफ्ट
लगे सुतल, जरूरत पड़े पर मदद
घरे रह के
चौबीसो घंटा, आराम के समय के साथे

खर्चा का से बदलेला

  • केतना शारीरिक मदद चाहीं
  • दिन, रात भा घर पर रहे वाला
  • बुजुर्ग के साथे अनुभव
  • सँभाले वाला बेमारी
शहर
घंटा
अनुभव

अंदाजन दायरा

₹11,000–₹16,000

हर महीना, सहायक के दिहल

खाली अंदाजा: असलीआया के मोटा-मोटी गाइड, 2026, बिहार, झारखंड आ उत्तर प्रदेश के शहर आ कस्बा खातिर बनावल — बड़ महानगर में तनखाह अक्सर अधिका होला। ई बाजार के आँकड़ा भा कोटेशन ना ह। सहायक लोग आपन उम्मीद वाला तनखाह प्रोफाइल पर खुद लिखेला, आ तनखाह रउआ लोग आपस में सीधे तय करीले।

पहिला दिन से पहिले तय करीं

  • दवाई, खुराक आ डॉक्टर के निर्देश
  • का ऊ राउर माई-बाबूजी के सुरक्षित तरीका से उठा भा सहारा दे सकेलें?
  • कुछ गड़बड़ लागे त केकरा के फोन करे के बा
  • लंबा शिफ्ट में आराम के समय

सहायक का उम्मीद कर सकेलें

  • परिवार आ डॉक्टर से साफ निर्देश
  • नींद आ आराम के समय
  • सुरक्षित सीमा से अधिका भारी ना उठावल
  • पूरा परिवार से इज्जत

अक्सर एकरा साथे

सहायक खोजीं